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सहीह मुस्लिम

नंबर 3912

नंबर 3912किताब 21, नंबर 111अरबी नंबरिंग 1536.07
وَحَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ هَاشِمٍ، حَدَّثَنَا بَهْزٌ، حَدَّثَنَا سَلِيمُ بْنُ حَيَّانَ، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ، مِينَاءَ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنِ الْمُزَابَنَةِ وَالْمُحَاقَلَةِ وَالْمُخَابَرَةِ وَعَنْ بَيْعِ الثَّمَرَةِ حَتَّى تُشْقِحَ ‏.‏ قَالَ قُلْتُ لِسَعِيدٍ مَا تُشْقِحُ قَالَ تَحْمَارُّ وَتَصْفَارُّ وَيُؤْكَلُ مِنْهَا ‏.‏
Jabir b. Abdullah (Allah be pleased with them) reported Allah's Messenger (ﷺ) forbidding Muzabana and Muhaqala, and Mukhabara, and the sale of fruits until they are ripe. I (the narrator) said to Sa'id (the other narrator):What does ripening imply? He said: It meant that they become red or become yellow and are fit for eating

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।