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सहीह मुस्लिम

नंबर 3869

नंबर 3869किताब 21, नंबर 68अरबी नंबरिंग 1534.07
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَيَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ، وَقُتَيْبَةُ، وَابْنُ، حُجْرٍ قَالَ يَحْيَى بْنُ يَحْيَى أَخْبَرَنَا وَقَالَ الآخَرُونَ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، - وَهُوَ ابْنُ جَعْفَرٍ - عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ، أَنَّهُ سَمِعَ ابْنَ عُمَرَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ تَبِيعُوا الثَّمَرَ حَتَّى يَبْدُوَ صَلاَحُهُ ‏"‏ ‏
Ibn Umar (Allah be pleased with them) reported Allah's Messenger' (ﷺ) as saying:Do not buy fruits (on the trees) until their good condition becomes clear

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।