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सहीह मुस्लिम

नंबर 3866

नंबर 3866किताब 21, नंबर 65अरबी नंबरिंग 1534.04
وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ أَبِي عُمَرَ، قَالاَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ، عَنْ يَحْيَى، بِهَذَا الإِسْنَادِ حَتَّى يَبْدُوَ صَلاَحُهُ لَمْ يَذْكُرْ مَا بَعْدَهُ
This hadith is reported or the authority of Yahya with the same chain of transmitters up to" until its good condition becomes clear," but lie did not mention what follows (these words)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।