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सहीह मुस्लिम

नंबर 3854

नंबर 3854किताब 21, नंबर 53अरबी नंबरिंग 1531.02
حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالاَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، وَهُوَ الْقَطَّانُ ح وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا أَبِي كُلُّهُمْ، عَنْ عُبَيْدِ، اللَّهِ عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ح. وَحَدَّثَنِي زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَعَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو الرَّبِيعِ وَأَبُو كَامِلٍ قَالاَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، - وَهُوَ ابْنُ زَيْدٍ - جَمِيعًا عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ح. وَحَدَّثَنَا ابْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ أَبِي عُمَرَ، قَالاَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ، قَالَ سَمِعْتُ يَحْيَى، بْنُ سَعِيدٍ ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي فُدَيْكٍ، أَخْبَرَنَا الضَّحَّاكُ، كِلاَهُمَا عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ نَحْوَ حَدِيثِ مَالِكٍ عَنْ نَافِعٍ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Ibn 'Umar (Allah be pleased with them) through another chain of transmitters

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।