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सहीह मुस्लिम

नंबर 3852

नंबर 3852किताब 21, नंबर 51अरबी नंबरिंग 1530.02
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا رَوْحُ بْنُ عُبَادَةَ، حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، أَخْبَرَنِي أَبُو الزُّبَيْرِ، أَنَّهُ سَمِعَ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، يَقُولُ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ بِمِثْلِهِ غَيْرَ أَنَّهُ لَمْ يَذْكُرْ مِنَ التَّمْرِ ‏.‏ فِي آخِرِ الْحَدِيثِ ‏.‏
This hadith is narrated on the authority of Jabir b. Abdullah (Allah be pleased with them) but with this variation that no mention is made of the dates (which one finds) at the end of the previous hadith

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।