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सहीह मुस्लिम

नंबर 3844

नंबर 3844किताब 21, नंबर 44अरबी नंबरिंग 1526.04
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَعَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، قَالَ يَحْيَى أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ جَعْفَرٍ، وَقَالَ عَلِيٌّ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ، أَنَّهُ سَمِعَ ابْنَ عُمَرَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنِ ابْتَاعَ طَعَامًا فَلاَ يَبِعْهُ حَتَّى يَقْبِضَهُ ‏"‏ ‏.‏
Ibn 'Umar (Allah be pleased with them) reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying,:He who bought foodgrain should not sell it until he had taken possession of it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।