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सहीह मुस्लिम

नंबर 3830

नंबर 3830किताब 21, नंबर 30अरबी नंबरिंग 1524.01
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ بْنِ قَعْنَبٍ، حَدَّثَنَا دَاوُدُ بْنُ قَيْسٍ، عَنْ مُوسَى بْنِ يَسَارٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنِ اشْتَرَى شَاةً مُصَرَّاةً فَلْيَنْقَلِبْ بِهَا فَلْيَحْلُبْهَا فَإِنْ رَضِيَ حِلاَبَهَا أَمْسَكَهَا وَإِلاَّ رَدَّهَا وَمَعَهَا صَاعٌ مِنْ تَمْرٍ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira (Allah be pleased with him) reported Allah's Messenger (may peace be'upon him) as saying:He who bought a goat having its udder tied up should go back with it, milk it, and, if he is satisfied with its milk, he should retair it, otherwise he should return it along with a sa' of dates

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।