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सहीह मुस्लिम

नंबर 3819

नंबर 3819किताब 21, नंबर 19अरबी नंबरिंग 1517.01
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي زَائِدَةَ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا يَحْيَى يَعْنِي ابْنَ سَعِيدٍ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا أَبِي كُلُّهُمْ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى أَنْ تُتَلَقَّى السِّلَعُ حَتَّى تَبْلُغَ الأَسْوَاقَ ‏.‏ وَهَذَا لَفْظُ ابْنِ نُمَيْرٍ ‏.‏ وَقَالَ الآخَرَانِ إِنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم نَهَى عَنِ التَّلَقِّي ‏.‏
Ibn 'Umar (Allah be pleased with them) reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:Do not go out to meet merchandise in the way, (wait) until it is brought into the market. This hadith has been reported on the authority of Ibn Numair but with a slight change of words

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।