सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 652

नंबर 652किताब 2, नंबर 118अरबी नंबरिंग 279.05
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، حَدَّثَنَا مَعْمَرٌ، عَنْ هَمَّامِ بْنِ مُنَبِّهٍ، قَالَ هَذَا مَا حَدَّثَنَا أَبُو هُرَيْرَةَ، عَنْ مُحَمَّدٍ، رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ فَذَكَرَ أَحَادِيثَ مِنْهَا وَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ طُهُورُ إِنَاءِ أَحَدِكُمْ إِذَا وَلَغَ الْكَلْبُ فِيهِ أَنْ يَغْسِلَهُ سَبْعَ مَرَّاتٍ ‏"‏ ‏.‏
Hammam b. Munabbih reported:Of the a hadith narrated by Abu Huraira from Muhammad, the Messenger of Allah (ﷺ), one is this: The Messenger of Allah (ﷺ) said: The purification of the utensil belonging to one amongst you, after it is licked by a dog, lies in washing it seven times

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।