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सहीह मुस्लिम

नंबर 648

नंबर 648किताब 2, नंबर 114अरबी नंबरिंग 279.01
وَحَدَّثَنِي عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ السَّعْدِيُّ، حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ، أَخْبَرَنَا الأَعْمَشُ، عَنْ أَبِي رَزِينٍ، وَأَبِي، صَالِحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا وَلَغَ الْكَلْبُ فِي إِنَاءِ أَحَدِكُمْ فَلْيُرِقْهُ ثُمَّ لْيَغْسِلْهُ سَبْعَ مِرَارٍ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported the Messenger of Allah (ﷺ) to have said:When a dog licks a utensil belonging to any one of you, (the thing contained in it) should be thrown away and then (the utensil) should be washed seven times

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।