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सहीह मुस्लिम

नंबर 646

नंबर 646किताब 2, नंबर 112अरबी नंबरिंग 278.04
وَحَدَّثَنِي سَلَمَةُ بْنُ شَبِيبٍ، قَالَ حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ أَعْيَنَ، حَدَّثَنَا مَعْقِلٌ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّهُ أَخْبَرَهُ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا اسْتَيْقَظَ أَحَدُكُمْ فَلْيُفْرِغْ عَلَى يَدِهِ ثَلاَثَ مَرَّاتٍ قَبْلَ أَنْ يُدْخِلَ يَدَهُ فِي إِنَائِهِ فَإِنَّهُ لاَ يَدْرِي فِيمَ بَاتَتْ يَدُهُ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported:The Apostle of Allah (ﷺ) said: When anyone amongst you wakes up from sleep, he should wash his hands three times before putting it in the utensil, for he does not know where his hand was during the night

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।