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सहीह मुस्लिम

नंबर 620

नंबर 620किताब 2, नंबर 87अरबी नंबरिंग 271.01
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، وَغُنْدَرٌ، عَنْ شُعْبَةَ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، - وَاللَّفْظُ لَهُ - حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ أَبِي مَيْمُونَةَ، أَنَّهُ سَمِعَ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، يَقُولُ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَدْخُلُ الْخَلاَءَ فَأَحْمِلُ أَنَا وَغُلاَمٌ نَحْوِي إِدَاوَةً مِنْ مَاءٍ وَعَنَزَةً فَيَسْتَنْجِي بِالْمَاءِ ‏.‏
Anas b. Malik reported:When the Messenger of Allah (ﷺ) entered the privy, a servant and I used to carry a skin of water, and a pointed staff, and he would cleanse himself with water

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।