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सहीह मुस्लिम

नंबर 618

नंबर 618किताब 2, नंबर 85अरबी नंबरिंग 269
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ، وَقُتَيْبَةُ، وَابْنُ، حُجْرٍ جَمِيعًا عَنْ إِسْمَاعِيلَ بْنِ جَعْفَرٍ، - قَالَ ابْنُ أَيُّوبَ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، - أَخْبَرَنِي الْعَلاَءُ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ اتَّقُوا اللَّعَّانَيْنِ ‏"‏ ‏.‏ قَالُوا وَمَا اللَّعَّانَانِ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ ‏"‏ الَّذِي يَتَخَلَّى فِي طَرِيقِ النَّاسِ أَوْ فِي ظِلِّهِمْ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported:The Messenger of Allah (ﷺ) said: Be on your guard against two things which provoke cursing. They (the companions present there) said: Messenger of Allah, what are those things which provoke cursing? He said: Easing on the thoroughfares or under the shades (where they take shelter and rest)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।