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सहीह मुस्लिम

नंबर 572

नंबर 572किताब 2, नंबर 39अरबी नंबरिंग 241.03
حَدَّثَنَا شَيْبَانُ بْنُ فَرُّوخَ، وَأَبُو كَامِلٍ الْجَحْدَرِيُّ جَمِيعًا عَنْ أَبِي عَوَانَةَ، - قَالَ أَبُو كَامِلٍ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، - عَنْ أَبِي بِشْرٍ، عَنْ يُوسُفَ بْنِ مَاهَكَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، قَالَ تَخَلَّفَ عَنَّا النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم فِي سَفَرٍ سَافَرْنَاهُ فَأَدْرَكَنَا وَقَدْ حَضَرَتْ صَلاَةُ الْعَصْرِ فَجَعَلْنَا نَمْسَحُ عَلَى أَرْجُلِنَا فَنَادَى ‏ "‏ وَيْلٌ لِلأَعْقَابِ مِنَ النَّارِ ‏"‏ ‏.‏
Abdullah b. Amr reported:The Messenger of Allah (ﷺ) lagged behind us on a journey. We travelled (back) and be took him; and then came the time of the afternoon prayer, and as we were going to wipe our feet he (the Holy Prophet) called out: Woe to the heels because of Hell-fire

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।