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सहीह मुस्लिम

नंबर 3762

नंबर 3762किताब 19, नंबर 20अरबी नंबरिंग 1498.02
وَحَدَّثَنِي زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنِي إِسْحَاقُ بْنُ عِيسَى، حَدَّثَنَا مَالِكٌ، عَنْ سُهَيْلٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ سَعْدَ بْنَ عُبَادَةَ، قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنْ وَجَدْتُ مَعَ امْرَأَتِي رَجُلاً أَأُمْهِلُهُ حَتَّى آتِيَ بِأَرْبَعَةِ شُهَدَاءَ قَالَ ‏ "‏ نَعَمْ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira (Allah be pleased with him) reported that Sa'd b. Ubada (Allah be pleased with him) said:Messenger of Allah, if I were to find with my wife a man, should I wait until I bring four witnesses? He said: Yes

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 19 · The Book of Invoking Curses

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।