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सहीह मुस्लिम

नंबर 3749

नंबर 3749किताब 19, नंबर 7अरबी नंबरिंग 1493.04
وَحَدَّثَنِي أَبُو الرَّبِيعِ الزَّهْرَانِيُّ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ فَرَّقَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بَيْنَ أَخَوَىْ بَنِي الْعَجْلاَنِ وَقَالَ ‏ "‏ اللَّهُ يَعْلَمُ أَنَّ أَحَدَكُمَا كَاذِبٌ فَهَلْ مِنْكُمَا تَائِبٌ ‏"‏ ‏.‏
Ibn 'Umar (Allah be pleased with them) said that Allah's Messenger (ﷺ) effected separation between the two members of Banu al-'Ajlan, and said:Allah knows that one of you is a liar. Is there one to repent among you?

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 19 · The Book of Invoking Curses

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।