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सहीह मुस्लिम

नंबर 3733

नंबर 3733किताब 18, नंबर 77अरबी नंबरिंग 1488.04
وَحَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ حُمَيْدِ بْنِ نَافِعٍ، بِالْحَدِيثَيْنِ جَمِيعًا حَدِيثِ أُمِّ سَلَمَةَ فِي الْكُحْلِ وَحَدِيثِ أُمِّ سَلَمَةَ وَأُخْرَى مِنْ أَزْوَاجِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم غَيْرَ أَنَّهُ لَمْ تُسَمِّهَا زَيْنَبُ نَحْوَ حَدِيثِ مُحَمَّدِ بْنِ جَعْفَرٍ ‏.‏
Humaid b. Nafi' narrated two traditions from Umm Salama dealing with collyrium and the other hadith from the wives of Allah's Prophet (ﷺ) except with this that no mention was made of Zainab

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 18 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।