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सहीह मुस्लिम

नंबर 3706

नंबर 3706किताब 18, नंबर 54अरबी नंबरिंग 1480.10
وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا هُشَيْمٌ، عَنْ حُصَيْنٍ، وَدَاوُدَ، وَمُغِيرَةَ، وَإِسْمَاعِيلَ، وَأَشْعَثَ عَنِ الشَّعْبِيِّ، أَنَّهُ قَالَ دَخَلْتُ عَلَى فَاطِمَةَ بِنْتِ قَيْسٍ ‏.‏ بِمِثْلِ حَدِيثِ زُهَيْرٍ عَنْ هُشَيْمٍ
A hadith like this has been trarismitted on the authority of Hushaim through another chain of narrators

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 18 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।