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सहीह मुस्लिम

नंबर 3701

नंबर 3701किताब 18, नंबर 49अरबी नंबरिंग 1480.05
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ، وَقُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، وَابْنُ، حُجْرٍ قَالُوا حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، - يَعْنُونَ ابْنَ جَعْفَرٍ - عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرٍو، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ فَاطِمَةَ بِنْتِ قَيْسٍ، ح وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَمْرٍو، حَدَّثَنَا أَبُو سَلَمَةَ، عَنْ فَاطِمَةَ بِنْتِ قَيْسٍ، قَالَ كَتَبْتُ ذَلِكَ مِنْ فِيهَا كِتَابًا قَالَتْ كُنْتُ عِنْدَ رَجُلٍ مِنْ بَنِي مَخْزُومٍ فَطَلَّقَنِي الْبَتَّةَ فَأَرْسَلْتُ إِلَى أَهْلِهِ أَبْتَغِي النَّفَقَةَ ‏.‏ وَاقْتَصُّوا الْحَدِيثَ بِمَعْنَى حَدِيثِ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ ‏.‏ غَيْرَ أَنَّ فِي حَدِيثِ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرٍو ‏ "‏ لاَ تَفُوتِينَا بِنَفْسِكِ ‏"‏ ‏.‏
Fatima bint Qais reported:I had been married to a person from Banu Makhzum and he divorced me with irrevocable divorce. I sent a message to his family asking for maintenance allowance, and the rest of the hadith has been transmitted with a slight change of words

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 18 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।