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सहीह मुस्लिम

नंबर 3648

नंबर 3648किताब 17, नंबर 81अरबी नंबरिंग 1468.02
وَحَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُوسَى الرَّازِيُّ، حَدَّثَنَا عِيسَى، - يَعْنِي ابْنَ يُونُسَ - حَدَّثَنَا عَبْدُ الْحَمِيدِ بْنُ جَعْفَرٍ، عَنْ عِمْرَانَ بْنِ أَبِي أَنَسٍ، عَنْ عُمَرَ بْنِ الْحَكَمِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ لاَ يَفْرَكْ مُؤْمِنٌ مُؤْمِنَةً إِنْ كَرِهَ مِنْهَا خُلُقًا رَضِيَ مِنْهَا آخَرَ ‏"‏ ‏.‏ أَوْ قَالَ ‏"‏ غَيْرَهُ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira (Allah be pleased with him) reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:A believing man should not hate a believing woman; if he dislikes one of her characteristics, he will be pleased with another

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · The Book of Suckling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।