सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 3639

नंबर 3639किताब 17, नंबर 72अरबी नंबरिंग 715.07
وَحَدَّثَنَاهُ قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ قَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ هَلْ نَكَحْتَ يَا جَابِرُ ‏"‏ ‏.‏ وَسَاقَ الْحَدِيثَ إِلَى قَوْلِهِ امْرَأَةً تَقُومُ عَلَيْهِنَّ وَتَمْشُطُهُنَّ قَالَ ‏"‏ أَصَبْتَ ‏"‏ ‏.‏ وَلَمْ يَذْكُرْ مَا بَعْدَهُ ‏.‏
Jabir b. 'Abdullah (Allah be pleased with them) reported Allah's Messenger (ﷺ) said to me:Jabir, have you married? The rest of the hadith is the same up to (the words):" The woman would look after them and comb them." He (Allah's Messenger), said: You did well. But no mention is made of the subsequent portion

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · The Book of Suckling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।