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सहीह मुस्लिम

नंबर 3634

नंबर 3634किताब 17, नंबर 67अरबी नंबरिंग 1465.02
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، جَمِيعًا عَنْ عَبْدِ الرَّزَّاقِ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ وَزَادَ قَالَ عَطَاءٌ كَانَتْ آخِرَهُنَّ مَوْتًا مَاتَتْ بِالْمَدِينَةِ ‏.‏
Ibn Juraij narrated a hadith with the same chain of transmitters, and she (Hadrat Maimuna) was the last of them to die at Medina

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · The Book of Suckling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।