सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 3629

नंबर 3629किताब 17, नंबर 62अरबी नंबरिंग 1463.01
حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ مَا رَأَيْتُ امْرَأَةً أَحَبَّ إِلَىَّ أَنْ أَكُونَ فِي مِسْلاَخِهَا مِنْ سَوْدَةَ بِنْتِ زَمْعَةَ مِنِ امْرَأَةٍ فِيهَا حِدَّةٌ قَالَتْ فَلَمَّا كَبِرَتْ جَعَلَتْ يَوْمَهَا مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لِعَائِشَةَ قَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَدْ جَعَلْتُ يَوْمِي مِنْكَ لِعَائِشَةَ ‏.‏ فَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقْسِمُ لِعَائِشَةَ يَوْمَيْنِ يَوْمَهَا وَيَوْمَ سَوْدَةَ ‏.‏
आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैंः मैंने सौदा (रज़ियल्लाहु अंहा) के अतिरिक्त किसी स्त्री को नहीं देखा, जिनके स्थान पर मुझे ख़ुद होना सबसे अधिक पसंद हो। वह एक मज़बूत दिल व दिमाग़ की मालिक स्त्री थीं। आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैं कि जब वह बूढ़ी हो गईं, तो उन्होंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से बारी में मिलने वाला अपना दिन आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) को दे दिया। उन्होंने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल, मैंने आपसे मिलने वाला अपनी बारी का दिन आइशा को दे दिया। यही कारण है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) बारी का दिन बाँटते समय आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) को दो दिन दिया करते थे। उनका दिन और सौदा (रज़ियल्लाहु अंहा) का दिन।

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 17 · The Book of Suckling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।