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सहीह मुस्लिम

नंबर 3617

नंबर 3617किताब 17, नंबर 50अरबी नंबरिंग 1459.01
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَمُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ، قَالاَ أَخْبَرَنَا اللَّيْثُ، ح وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ، سَعِيدٍ حَدَّثَنَا لَيْثٌ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّهَا قَالَتْ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم دَخَلَ عَلَىَّ مَسْرُورًا تَبْرُقُ أَسَارِيرُ وَجْهِهِ فَقَالَ ‏ "‏ أَلَمْ تَرَىْ أَنَّ مُجَزِّزًا نَظَرَ آنِفًا إِلَى زَيْدِ بْنِ حَارِثَةَ وَأُسَامَةَ بْنِ زَيْدٍ فَقَالَ إِنَّ بَعْضَ هَذِهِ الأَقْدَامِ لَمِنْ بَعْضٍ ‏"‏ ‏.‏
A'isha (Allah be pleased with her) reported:Allah's Messenger (ﷺ) visited me looking pleased as if his face was glistening and said: Did you see that Mujazziz cast a glance at Zaid b. Haritha and Usama b. Zaid, and (then) said: Some (of the features) of their feet are found in the others?

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · The Book of Suckling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।