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सहीह मुस्लिम

नंबर 3609

नंबर 3609किताब 17, नंबर 42अरबी नंबरिंग 1456.02
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ قَالُوا حَدَّثَنَا عَبْدُ، الأَعْلَى عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَبِي الْخَلِيلِ، أَنَّ أَبَا عَلْقَمَةَ الْهَاشِمِيَّ، حَدَّثَ أَنَّ أَبَا سَعِيدٍ الْخُدْرِيَّ حَدَّثَهُمْ أَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بَعَثَ يَوْمَ حُنَيْنٍ سَرِيَّةً ‏.‏ بِمَعْنَى حَدِيثِ يَزِيدَ بْنِ زُرَيْعٍ غَيْرَ أَنَّهُ قَالَ إِلاَّ مَا مَلَكَتْ أَيْمَانُكُمْ مِنْهُنَّ فَحَلاَلٌ لَكُمْ وَلَمْ يَذْكُرْ إِذَا انْقَضَتْ عِدَّتُهُنَّ ‏
Abu Sa'id al-Khudri (Allah be pleased with him) reported that Allah's Apostle (ﷺ) sent a small army. The rest of the hadith is the same except this that he said:Except what your right hands possess out of them are lawful for you; and he did not mention" when their 'idda period comes to an end

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · The Book of Suckling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।