सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 3607

नंबर 3607किताब 17, नंबर 40अरबी नंबरिंग 1455.02
وَحَدَّثَنَاهُ مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، ح وَحَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ، حَدَّثَنَا أَبِي قَالاَ، جَمِيعًا حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، ح وَحَدَّثَنِي زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، جَمِيعًا عَنْ سُفْيَانَ، ح وَحَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، حَدَّثَنَا حُسَيْنٌ الْجُعْفِيُّ، عَنْ زَائِدَةَ، كُلُّهُمْ عَنْ أَشْعَثَ بْنِ أَبِي الشَّعْثَاءِ، بِإِسْنَادِ أَبِي الأَحْوَصِ كَمَعْنَى حَدِيثِهِ غَيْرَ أَنَّهُمْ قَالُوا ‏ "‏ مِنَ الْمَجَاعَةِ ‏
This hadith is narrated on the authority of Abu al-Ahwas with another chain of transmitters and a slight variation of words

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · The Book of Suckling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।