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सहीह मुस्लिम

नंबर 3593

नंबर 3593किताब 17, नंबर 26अरबी नंबरिंग 1451.03
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَبِي الْخَلِيلِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْحَارِثِ، أَنَّ أُمَّ الْفَضْلِ، حَدَّثَتْ أَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ تُحَرِّمُ الرَّضْعَةُ أَوِ الرَّضْعَتَانِ أَوِ الْمَصَّةُ أَوِ الْمَصَّتَانِ ‏"‏ ‏.‏
Umm Fadl (Allah be pleased with her) reported that Allah's Apostle (ﷺ) said:Being suckled once or twice, or one suckling or two, do not make marriage unlawful

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · The Book of Suckling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।