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सहीह मुस्लिम

नंबर 3545

नंबर 3545किताब 16, नंबर 147अरबी नंबरिंग 1438.02
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ الْفَرَجِ، مَوْلَى بَنِي هَاشِمٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الزِّبْرِقَانِ، حَدَّثَنَا مُوسَى، بْنُ عُقْبَةَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ يَحْيَى بْنِ حَبَّانَ، بِهَذَا الإِسْنَادِ فِي مَعْنَى حَدِيثِ رَبِيعَةَ غَيْرَ أَنَّهُ قَالَ ‏ "‏ فَإِنَّ اللَّهَ كَتَبَ مَنْ هُوَ خَالِقٌ إِلَى يَوْمِ الْقِيَامَةِ ‏"‏ ‏.‏
A hadith like this has been narrated on the authority of Habban with the same chain of transmitters (but with this alteration) that he said:" Allah has ordained whom he has to createuntil the Day of judgment

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।