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सहीह मुस्लिम

नंबर 3504

नंबर 3504किताब 16, नंबर 106अरबी नंबरिंग 1428.03
حَدَّثَنَا أَبُو الرَّبِيعِ الزَّهْرَانِيُّ، وَأَبُو كَامِلٍ فُضَيْلُ بْنُ حُسَيْنٍ وَقُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ قَالُوا حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، - وَهُوَ ابْنُ زَيْدٍ - عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، - وَفِي رِوَايَةِ أَبِي كَامِلٍ سَمِعْتُ أَنَسًا، - قَالَ مَا رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَوْلَمَ عَلَى امْرَأَةٍ - وَقَالَ أَبُو كَامِلٍ عَلَى شَىْءٍ - مِنْ نِسَائِهِ مَا أَوْلَمَ عَلَى زَيْنَبَ فَإِنَّهُ ذَبَحَ شَاةً ‏.‏
Anas (Allah be pleased with him) reported:I did not see Allah's Messenger (ﷺ) giving a wedding feast (on the marriage) of any one (of his wives) as he did in the case of (his marriage with) Zainab, for then he sacrificed a goat (on this occasion)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।