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सहीह मुस्लिम

नंबर 3476

नंबर 3476किताब 16, नंबर 78अरबी नंबरिंग 1421.01
حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ مَنْصُورٍ، وَقُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا مَالِكٌ، ح وَحَدَّثَنَا يَحْيَى، بْنُ يَحْيَى - وَاللَّفْظُ لَهُ - قَالَ قُلْتُ لِمَالِكٍ حَدَّثَكَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْفَضْلِ، عَنْ نَافِعِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الأَيِّمُ أَحَقُّ بِنَفْسِهَا مِنْ وَلِيِّهَا وَالْبِكْرُ تُسْتَأْذَنُ فِي نَفْسِهَا وَإِذْنُهَا صُمَاتُهَا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ نَعَمْ ‏.‏
Ibn 'Abbas (Allah be pleased with him) reported Allah's Apostle (ﷺ) as saying:A woman without a husband has more right to her person than her guardian, and a virgin's consent must be asked from her, and her silence implies her consent

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।