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सहीह मुस्लिम

नंबर 3453

नंबर 3453किताब 16, नंबर 56अरबी नंबरिंग 1411
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، حَدَّثَنَا جَرِيرُ بْنُ حَازِمٍ، حَدَّثَنَا أَبُو فَزَارَةَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ الأَصَمِّ، حَدَّثَتْنِي مَيْمُونَةُ بِنْتُ الْحَارِثِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم تَزَوَّجَهَا وَهُوَ حَلاَلٌ قَالَ وَكَانَتْ خَالَتِي وَخَالَةَ ابْنِ عَبَّاسٍ ‏.‏
Yazid b. al-Asamm reported:Maimuna daughter of al-Harith narrated to me that Allah's Messenger (ﷺ) married her and he was not in the state of Ihram. And she (Maimuna) was my mother's sister and that of Ibn 'Abbas (Allah be pleased with them)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।