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सहीह मुस्लिम

नंबर 3432

नंबर 3432किताब 16, नंबर 35अरबी नंबरिंग 1407.02
وَحَدَّثَنَاهُ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ أَسْمَاءَ الضُّبَعِيُّ، حَدَّثَنَا جُوَيْرِيَةُ، عَنْ مَالِكٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ وَقَالَ سَمِعَ عَلِيَّ بْنَ أَبِي طَالِبٍ، يَقُولُ لِفُلاَنٍ إِنَّكَ رَجُلٌ تَائِهٌ نَهَانَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ بِمِثْلِ حَدِيثِ يَحْيَى بْنِ يَحْيَى عَنْ مَالِكٍ ‏.‏
Malik narrated this hadith on the authority of the same chain of trans- witters that 'Ali b. Abil Talib said to a person:You are a person led astray; Allah's Messenger (ﷺ) forbade us (to do Mut'a), as is stated In the hadith transmitted on the authority of Yahya b. Malik

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।