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सहीह मुस्लिम

नंबर 3424

नंबर 3424किताब 16, नंबर 27अरबी नंबरिंग 1406.06
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعْدٍ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ الرَّبِيعِ بْنِ سَبْرَةَ الْجُهَنِيِّ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، قَالَ أَمَرَنَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِالْمُتْعَةِ عَامَ الْفَتْحِ حِينَ دَخَلْنَا مَكَّةَ ثُمَّ لَمْ نَخْرُجْ مِنْهَا حَتَّى نَهَانَا عَنْهَا‏.‏
Abd al-Malik b. Rabi' b. Sabraal-Juhanni reported on the authority of his father who narrated it on the authority of his father (i e. 'Abd al-Malik's grandfather, Sabura al-Juhanniy Allah's Messenger (ﷺ) permitted us to contract temporary marriage in the Year of Victory, as we entered Mecca, and we did come out of it but he forbade us to do it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।