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सहीह मुस्लिम

नंबर 3402

नंबर 3402किताब 16, नंबर 5अरबी नंबरिंग 1400.05
حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ الأَشَجُّ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، حَدَّثَنَا الأَعْمَشُ، عَنْ عُمَارَةَ بْنِ، عُمَيْرٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ دَخَلْنَا عَلَيْهِ وَأَنَا أَحْدَثُ الْقَوْمِ، بِمِثْلِ حَدِيثِهِمْ وَلَمْ يَذْكُرْ فَلَمْ أَلْبَثْ حَتَّى تَزَوَّجْتُ ‏.‏
Abd al-Rahman b. Yazid reported on the authority of Abdullah:We went to him, and I was the youngest of all (of us), but he did not mention:" I lost no time in marrying

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।