सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 3392

नंबर 3392किताब 15, नंबर 596अरबी नंबरिंग 1399.04
وَحَدَّثَنِي أَبُو مَعْنٍ الرَّقَاشِيُّ، زَيْدُ بْنُ يَزِيدَ الثَّقَفِيُّ - بَصْرِيٌّ ثِقَةٌ - حَدَّثَنَا خَالِدٌ، - يَعْنِي ابْنَ الْحَارِثِ - عَنِ ابْنِ عَجْلاَنَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمِثْلِ حَدِيثِ يَحْيَى الْقَطَّانِ ‏
This hadith has been reported on the authority of Ibn Umar (Allah be pleased with them) with another chain of transmitters

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।