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सहीह मुस्लिम

नंबर 3388

नंबर 3388किताब 15, नंबर 592अरबी नंबरिंग 1398.02
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَسَعِيدُ بْنُ عَمْرٍو الأَشْعَثِيُّ، قَالَ سَعِيدٌ أَخْبَرَنَا وَقَالَ أَبُو بَكْرٍ، حَدَّثَنَا حَاتِمُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمِثْلِهِ وَلَمْ يَذْكُرْ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ أَبِي سَعِيدٍ فِي الإِسْنَادِ ‏.‏
Abu Sa'id reported from Allah's Apostle (ﷺ) a hadlth like this, but in the chain of transmitters no mention was made of Abd al- Rahman b. Abu Sa'id

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।