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सहीह मुस्लिम

नंबर 3361

नंबर 3361किताब 15, नंबर 565अरबी नंबरिंग 1387.01
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا حَاتِمٌ، - يَعْنِي ابْنَ إِسْمَاعِيلَ - عَنْ عُمَرَ بْنِ نُبَيْهٍ، أَخْبَرَنِي دِينَارٌ الْقَرَّاظُ، قَالَ سَمِعْتُ سَعْدَ بْنَ أَبِي وَقَّاصٍ، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ أَرَادَ أَهْلَ الْمَدِينَةِ بِسُوءٍ أَذَابَهُ اللَّهُ كَمَا يَذُوبُ الْمِلْحُ فِي الْمَاءِ ‏"‏ ‏.‏
Sa'd b. Abu Waqqas reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:He who intends to do harm to the people of Medina, Allah would efface him just as water dissolves salt

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।