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सहीह मुस्लिम

नंबर 3356

नंबर 3356किताब 15, नंबर 560अरबी नंबरिंग 1384
وَحَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ، - وَهُوَ الْعَنْبَرِيُّ - حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عَدِيٍّ، - وَهُوَ ابْنُ ثَابِتٍ - سَمِعَ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ يَزِيدَ، عَنْ زَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّهَا طَيْبَةُ - يَعْنِي الْمَدِينَةَ - وَإِنَّهَا تَنْفِي الْخَبَثَ كَمَا تَنْفِي النَّارُ خَبَثَ الْفِضَّةِ‏"‏ ‏.‏
Zaid b. Thabit reported Allah's Apostle (ﷺ) as saying:It is Taiba, thereby meaning Medina. It drives away impurity just as fire removes the impurity of silver

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।