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सहीह मुस्लिम

नंबर 3353

नंबर 3353किताब 15, नंबर 557अरबी नंबरिंग 1382.01
وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ مَالِكِ بْنِ أَنَسٍ، - فِيمَا قُرِئَ عَلَيْهِ - عَنْ يَحْيَى بْنِ، سَعِيدٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا الْحُبَابِ، سَعِيدَ بْنَ يَسَارٍ يَقُولُ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أُمِرْتُ بِقَرْيَةٍ تَأْكُلُ الْقُرَى يَقُولُونَ يَثْرِبَ وَهْىَ الْمَدِينَةُ تَنْفِي النَّاسَ كَمَا يَنْفِي الْكِيرُ خَبَثَ الْحَدِيدِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira (Allah be pleased with him) reported Allah's Messenger (way peace be upon him) as saying:I have been commanded (to migrate) to a town (Medina) which would overpower other towns. They (the people) call it Yathrib; its correct name is (in fact) Medina. It eliminates (bad) people just as a furnace removes the alloy of iron

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।