सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 3337

नंबर 3337किताब 15, नंबर 541अरबी नंबरिंग 1374.02
وَحَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ ابْنُ عُلَيَّةَ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ الْمُبَارَكِ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي كَثِيرٍ، حَدَّثَنَا أَبُو سَعِيدٍ، مَوْلَى الْمَهْرِيِّ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِي صَاعِنَا وَمُدِّنَا وَاجْعَلْ مَعَ الْبَرَكَةِ بَرَكَتَيْنِ‏"‏
Abu Sa'id al-Kbudri (Allah be pleased with him) reported that Allah's Messenger (ﷺ) said:O Allah, bless us in our sa' and mud and shower with its blessings two other blessings (multiply blessings showerted upon it)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।