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सहीह मुस्लिम

नंबर 3290

नंबर 3290किताब 15, नंबर 494अरबी नंबरिंग 1349.02
وَحَدَّثَنَاهُ سَعِيدُ بْنُ مَنْصُورٍ، وَأَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَعَمْرٌو النَّاقِدُ وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ قَالُوا حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، ح وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْمَلِكِ الأُمَوِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ، الْعَزِيزِ بْنُ الْمُخْتَارِ عَنْ سُهَيْلٍ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، ح وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، جَمِيعًا عَنْ سُفْيَانَ، كُلُّ هَؤُلاَءِ عَنْ سُمَىٍّ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏بِمِثْلِ حَدِيثِ مَالِكٍ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Abu Huraira (Allah be pleased with him) through another chain of transmitters

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।