सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 3283

नंबर 3283किताब 15, नंबर 487अरबी नंबरिंग 1257.04
وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ رُمْحِ بْنِ الْمُهَاجِرِ الْمِصْرِيُّ، أَخْبَرَنَا اللَّيْثُ، ح وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، - وَاللَّفْظُ لَهُ - قَالَ حَدَّثَنَا لَيْثٌ، عَنْ نَافِعٍ، قَالَ كَانَ ابْنُ عُمَرَ يُنِيخُ بِالْبَطْحَاءِ الَّتِي بِذِي الْحُلَيْفَةِ الَّتِي كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يُنِيخُ بِهَا وَيُصَلِّي بِهَا ‏.‏
Nafi' reported that 'Abdullah b. Umar (Allah be pleased with them) used to halt his camel in the stony ground at Dhu'l-Hulaifa, where Allah's Messenger (ﷺ) used to make a halt (and pray)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।