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सहीह मुस्लिम

नंबर 3253

नंबर 3253किताब 15, नंबर 457अरबी नंबरिंग 1336.01
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَابْنُ أَبِي عُمَرَ، جَمِيعًا عَنِ ابْنِ، عُيَيْنَةَ - قَالَ أَبُو بَكْرٍ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، - عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ عُقْبَةَ، عَنْ كُرَيْبٍ، مَوْلَى ابْنِ عَبَّاسٍ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم لَقِيَ رَكْبًا بِالرَّوْحَاءِ فَقَالَ ‏"‏ مَنِ الْقَوْمُ ‏"‏ ‏.‏ قَالُوا الْمُسْلِمُونَ ‏.‏ فَقَالُوا مَنْ أَنْتَ قَالَ ‏"‏ رَسُولُ اللَّهِ ‏"‏ ‏.‏ فَرَفَعَتْ إِلَيْهِ امْرَأَةٌ صَبِيًّا فَقَالَتْ أَلِهَذَا حَجٌّ قَالَ ‏"‏ نَعَمْ وَلَكِ أَجْرٌ ‏"‏ ‏.‏
Ibn Abbas reported that Allah's Apostle (ﷺ) met some riders at al-Rauha and asked who they were. They replied that they were Muslims. They said:Who art thou? He said: (I am) Messengef of Allah. A woman (then) lifted up a boy to him and said: Would this child be credited with having performed the Hajj? Thereupon he said: Yes, and you will have a reward

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।