सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 3217

नंबर 3217किताब 15, नंबर 421अरबी नंबरिंग 1325.02
وَحَدَّثَنَاهُ يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَأَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَعَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ قَالَ يَحْيَى أَخْبَرَنَا وَقَالَ الآخَرَانِ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ ابْنُ عُلَيَّةَ، عَنْ أَبِي التَّيَّاحِ، عَنْ مُوسَى بْنِ سَلَمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بَعَثَ بِثَمَانَ عَشْرَةَ بَدَنَةً مَعَ رَجُلٍ ‏.‏ ثُمَّ ذَكَرَ بِمِثْلِ حَدِيثِ عَبْدِ الْوَارِثِ وَلَمْ يَذْكُرْ أَوَّلَ الْحَدِيثِ ‏.‏
Ibn Abbas (Allah be pleased with them) reported that Allah's Messenger (ﷺ) sent eighteen sacrificial camels with a person. The rest of the hadith is the same, and the first part (of the above-mentioned hadith) is not mentioned

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।