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सहीह मुस्लिम

नंबर 3211

नंबर 3211किताब 15, नंबर 415अरबी नंबरिंग 1323.01
وَحَدَّثَنِي عَمْرٌو النَّاقِدُ، وَسُرَيْجُ بْنُ يُونُسَ، قَالاَ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، أَخْبَرَنَا حُمَيْدٌ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ وَأَظُنُّنِي قَدْ سَمِعْتُهُ مِنْ، أَنَسٍ ح. وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، - وَاللَّفْظُ لَهُ - أَخْبَرَنَا هُشَيْمٌ، عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ ثَابِتٍ الْبُنَانِيِّ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ مَرَّ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِرَجُلٍ يَسُوقُ بَدَنَةً فَقَالَ ‏"‏ ارْكَبْهَا ‏"‏ ‏.‏ فَقَالَ إِنَّهَا بَدَنَةٌ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ ارْكَبْهَا ‏"‏ ‏.‏ مَرَّتَيْنِ أَوْ ثَلاَثًا ‏.‏
Anas reported that Allah's Messenger (ﷺ) happened to pass by a person who was driving a sacrificial camel, whereupon he (the Holy Prophet) said:Ride on It. He said: It is a sacrificial camel. Thereupon he (the Holy Prophet) said twice or thrice: Ride on it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।