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सहीह मुस्लिम

नंबर 3140

नंबर 3140किताब 15, नंबर 344अरबी नंबरिंग 1299.01
وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ، وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، قَالَ ابْنُ حَاتِمٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَكْرٍ، أَخْبَرَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، أَخْبَرَنَا أَبُو الزُّبَيْرِ، أَنَّهُ سَمِعَ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، يَقُولُ رَأَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم رَمَى الْجَمْرَةَ بِمِثْلِ حَصَى الْخَذْفِ ‏.‏
Jabir b. 'Abdullah reported:I saw Allah's Apostle (ﷺ) throwing stones (at Jamrat al 'Aqaba) like pelting of small pebbles

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।