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सहीह मुस्लिम

नंबर 3137

नंबर 3137किताब 15, नंबर 341अरबी नंबरिंग 1297
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَعَلِيُّ بْنُ خَشْرَمٍ، جَمِيعًا عَنْ عِيسَى بْنِ يُونُسَ، - قَالَ ابْنُ خَشْرَمٍ أَخْبَرَنَا عِيسَى، - عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، أَخْبَرَنِي أَبُو الزُّبَيْرِ، أَنَّهُ سَمِعَ جَابِرًا، يَقُولُ رَأَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَرْمِي عَلَى رَاحِلَتِهِ يَوْمَ النَّحْرِ وَيَقُولُ ‏ "‏ لِتَأْخُذُوا مَنَاسِكَكُمْ فَإِنِّي لاَ أَدْرِي لَعَلِّي لاَ أَحُجُّ بَعْدَ حَجَّتِي هَذِهِ ‏"‏ ‏.‏
Jabir (Allah be pleased with him) reported:I saw Allah's Apostle (ﷺ) flinging pebbles while riding his camel on the Day of Nahr, and he was saying: Learn your rituals (by seeing me performing them), for I do not know whether I would be performing Hajj after this Hajj of mine

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।