सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 3095

नंबर 3095किताब 15, नंबर 300अरबी नंबरिंग 1284.01
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالاَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ، ح وَحَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ يَحْيَى الأُمَوِيُّ، حَدَّثَنِي أَبِي قَالاَ، جَمِيعًا حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ، أَبِي سَلَمَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ غَدَوْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مِنْ مِنًى إِلَى عَرَفَاتٍ مِنَّا الْمُلَبِّي وَمِنَّا الْمُكَبِّرُ ‏. ‏
Abdullah b. 'Umar reported on the authority of his father (Allah be pleased with them). He said:As we proceeded in the morning along with AUbs Messenger (ﷺ) from Mina to 'Arafat, some of us prounced Talbiya, and some pronounced Takbir (Allah-o-Akbar)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।