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सहीह मुस्लिम

नंबर 3019

नंबर 3019किताब 15, नंबर 227अरबी नंबरिंग 1244.02
وَحَدَّثَنِي أَحْمَدُ بْنُ سَعِيدٍ الدَّارِمِيُّ، حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ إِسْحَاقَ، حَدَّثَنَا هَمَّامُ بْنُ يَحْيَى، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَبِي حَسَّانَ، قَالَ قِيلَ لاِبْنِ عَبَّاسٍ إِنَّ هَذَا الأَمْرَ قَدْ تَفَشَّغَ بِالنَّاسِ مَنْ طَافَ بِالْبَيْتِ فَقَدْ حَلَّ الطَّوَافُ عُمْرَةٌ ‏.‏ فَقَالَ سُنَّةُ نَبِيِّكُمْ صلى الله عليه وسلم وَإِنْ رَغِمْتُمْ ‏.‏
Abu Hassan reported:It was said to Ibn 'Abbas (Allah be pleased with them) that this affair had engaged the attention of the people that he who circumambu- lates the House was permitted to circumambulate for Umra (even though he was in a state of Ihram for Hajj), whereupon he said: That is the Sunnah of your Apostle (ﷺ), even though you may not approve of it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।