सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 3006

नंबर 3006किताब 15, नंबर 214अरबी नंबरिंग 1238.02
وَحَدَّثَنَاهُ ابْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، ح وَحَدَّثَنَاهُ ابْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ، - يَعْنِي ابْنَ جَعْفَرٍ - جَمِيعًا عَنْ شُعْبَةَ، بِهَذَا الإِسْنَادِ فَأَمَّا عَبْدُ الرَّحْمَنِ فَفِي حَدِيثِهِ الْمُتْعَةُ وَلَمْ يَقُلْ مُتْعَةُ الْحَجِّ ‏.‏ وَأَمَّا ابْنُ جَعْفَرٍ فَقَالَ قَالَ شُعْبَةُ قَالَ مُسْلِمٌ لاَ أَدْرِي مُتْعَةُ الْحَجِّ أَوْ مُتْعَةُ النِّسَاءِ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Shu'ba with the same chain of transmitters, but with a slight variation of words

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।